Header Ads

  • Breaking News

    पड़े इलायची(Cardamom) के औषधीय गुण , इसके प्रयोग से पाये कई बीमारियों से निजात


    इलायची के प्रयोग करके कई बीमारियों से निजात मिल सकती है।
    इलायची(Cardamom) का सेवन आमतौर पर मुखशुद्धि के लिए अथवा मसाले के रूप में किया जाता है , वैज्ञानिक नाम एलेटेरिया (Elettaria cardamomum) यह दो प्रकार की आती है, हरी या छोटी इलायची तथा बड़ी इलायची। जहाँ बड़ी इलायची व्यंजनों को लजीज बनाने के लिए एक मसाले के रूप में प्रयुक्त होती है, वहीं हरी इलायची मिठाइयों की खुशबू बढ़ाती है। मेहमानों की आवभगत में भी इलायची का इस्तेमाल होता है। लेकिन इसकी महत्ता केवल यहीं तक सीमित नहीं है। यह औषधीय गुणों की खान है। संस्कृत में इसे एला कहा जाता है।

    इलायची में पोषक तत्व (Nutrients in Cardamom) :-
    इलायची में कार्बोहाइड्रेट, डाइटरी फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, आयरन और फॉस्फोरस मुख्य रुप से पाए जाते हैं। इनके अलावा भी इलायची में कई अन्य पोषक तत्व होते हैं जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।

    इलायची के सेवन से मुंह से आने वाली दुर्गंध की समस्‍या खत्‍म होती है। सांस लेने में तकलीफ होने पर मुंह में एक इलायची डालने से आराम मिलता है। इलायची का पेस्ट बनाकर माथे पर लगाने से सिरदर्द में तुरंत आराम मिलता है और पेशाब में जलन होने पर, इलायची को आंवला, दही और शहद के साथ सेवन करने से समस्‍या दूर होती है। इलायची के ये फायदे बहुत ही आम हैं, इसके कुछ स्‍वास्‍थ्‍य लाभ ऐसे हैं जो आपको किसी भी जड़ी-बूटी में नहीं मिलेगी। इसका प्रयोग करके कई बीमारियों से निजात मिल सकती है। हालांकि इसके कुछ नुकसान भी हैं। आइए जानते हैं इनके फायदे और नुकसान के बारे में।


    सबसे पहले आप को बताते है इलायची खाने के फायदे (First let me tell you the benefits of cardamom eating) :-

    गले की खराश को करे दूर (To sore throat)
    यदि गले में तकलीफ है और गला दर्द हो रहा है, तो सुबह उठते और रात को सोते समय छोटी इलायची चबा-चबाकर खाकर गुनगुना पानी पी लें। इससे गले में खराश की समस्या में काफी आराम मिलेगा। जल्दी आराम पाने के लिए इस प्रक्रिया को नियमित रूप से करें। इसके अलावा इलायची आवाज को भी सुरीला बनाती है, नियमित इलायची खाने से आवाज सुरीली होती है।

    पाचन शक्ति बढ़ाये (Increase digestion power)
    इलायची के प्रयोग से पाचन शक्ति बढ़ती है। इलायची के नियमित सेवन से पाचन संबंधी समस्याओं से आसानी से निजात मिल सकता है। इसके अलावा पेट संबंधी समस्या जैसे भूख, एसिडिटी, गैसे, सीने में जलन, सूजन, कब्ज आदि में भी इलायची का सेवन फायदेमंद है।

    ब्‍लड प्रेशर को करे कंट्रोल (Blood pressure to control)
    इलायची में मूत्रवर्धक फाइबर के साथ-साथ पौटेशियम युक्त मसाले होते हैं जो कि रक्त चाप के स्तर को सामान्य रखते हैं। अगर आप रक्तचाप की समस्या से ग्रस्त हैं तो भोजन में इलायची का सेवन जरूर करें। इससे शरीर में रक्तचाप का स्तर ठीक रहेगा।

    शरीर के विषाक्‍त को बाहर निकाले (Expose body toxic)
    शरीर की बाहरी सफाई के साथ शरीर को अंदर से डिटॉक्सीफाई करना भी बेहतद जरूरी होता है। और इलायची में वो सारे गुण होते हैं जो शरीर को डिटॉक्सीफाई कर सके। इसके सेवन से शरीर में मौजूद सभी विषैले व व्यर्थ पदार्थ किडनी से बाहर निकल जाते हैं।

    हिचकी शांत करे (hiccup Keep calm)
    हिचकी की समस्या कभी भी शुरु हो जाती है। कभी-कभी यह बिना रुके देर तक आती रहती है। ऐसे में इलायची का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है। इलायची में वे गुण होते हैं जो हिचकी की समस्या से निजात दिलाते हैं।

    अब आप को बताते है इलायची खाने के नुकसान (Now let's tell you the loss of cardamom food) :-

    1. गर्भपात की संभावना (Probability of abortion)
    प्रेग्‍नेंसी और फीडिंग के दौरान इलायची को औषधि के तौर पर इस्तेमाल करना गलत है। उपयोग से पहले चिकित्सक की सलाह लें। ऐसा माना जाता है कि गर्भावस्था के दौरान बहुत अधिक मात्रा में इलायची का सेवन करने से गर्भपात होने का खतरा रहता है।

    2. पथरी की बीमारी (Stone disease)
    अगर आप पित्ताशय की पथरी से पीड़ित हैं तो बहुत अधिक मात्रा में इलायची का सेवन ना करें। अधिक मात्रा में इलायची के सेवन से पथरी का दर्द और बढ़ सकता है। अगर सेवन करना ज़रुरी है तो एक बार अपने डॉक्टर से पूछ लें।

    3. एलर्जी (Allergies)
    अगर आपका शरीर इलायची के प्रति संवेदनशील है तो आपको इलायची खाने से या इसकी तेज़ महक से एलर्जी हो सकती है। ऐसे लोगों को किसी भी रुप में इलायची का उपयोग नहीं करना चाहिए। एलर्जी की वजह से त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे कोई लक्षण दिखें तो उसका सेवन बंद कर दें और नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें।

    कोई टिप्पणी नहीं

    Next post

    पड़े लौंग का औषधिय उपयोग , लौंग में मोजूद पोषक तत्व व लौंग के नुकसान ....

    लौंग (Cloves) वानस्पतिक नाम :- सियाजियम अरोमटीकम (Syzygium aromaticum) ; अंग्रेजी :- क्लोव (Cloves ) के  नामक मध्यम कद वाले सदाबहार वृक्ष...

    Post Top Ad